Travel Zindagi

” ज़िन्दगी जीने की वजह बेवजह तो नहीं, 

बेवजह जीने की कोई वजह भी नहीं | 

 

अगर सफर वजह है तो मंज़िल बेवजह नहीं,

बेवजह मंजिल की कोई वजह भी नहीं | 

 

अगर इंतज़ार है वजह तो कहीं सफर बेवजह तो नहीं, 

बेवजह इंतज़ार की कोई वजह भी नहीं | 

 

खुद में रहने की वजह बेवजह भी नहीं, 

और अनजान लोगों से बेवजह मिलने की वजह भी बेवजह नहीं |  

 

क्या शहर क्या गाँव हर मंज़िल की है अपनी वजह,

इस वजह को जानना बेवजह भी नहीं | 

 

अगर जीना है वजह तो कुछ भी बेवजह नहीं, 

बेवजह जीना भी कोई जीने की वजह नहीं | “

Abhishek Jain
Writer

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